उत्तराखंड की यमुना घाटी में भारी बारिश और भूस्खलन से गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने बताया कि तहसील बड़कोट के अंतर्गत स्यानाचट्टी के पास गडगाड नाला और कुपड़ा गाड़ से आए मलबे और पानी के कारण यमुना नदी का प्रवाह रुक गया है, जिससे एक बड़ी अस्थायी झील बन गई है।

इस जलभराव के कारण स्यानाचट्टी के कई घर और होटल आपदा की चपेट में आ गए हैं। इसके अलावा, खरादी में भी भू-धंसाव के कारण 10 से अधिक होटल और कई परिवारों के मकान खतरे में हैं।

प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्रों से 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और आसपास के घर, मकान तथा होटलों को खाली करा दिया है। जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य ने बचाव कार्यों के लिए तीन टीमें मौके पर भेजी हैं।

यमुना नदी के किनारे बसे ओजरी, पुजारगांव, पाली गांव, खरादी, कुथनौर और स्यानाचट्टी गांवों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और नदी के पास न जाने की अपील की है। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस और राजस्व विभाग की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

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