कर्मचारियों की लड़ाई में विभिन्न सामाजिक,राजनीतिक व गैरराजनीतिक संगठनों का मिल रहा समर्थन
हरिद्वार। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में शिक्षकेत्तर कर्मचारी यूनियन द्वारा जारी अनिश्चित कालीन धरना सोमवार को 28वें दिन भी जारी रहा। धरने पर उपस्थित कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए शिक्षकेत्तर कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष रजनीश भारद्वाज ने कहा कि समविश्वविद्यालय के कर्मचारी बरसात के वाबजूद भी लगातार धरने को जारी रखे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी गांधीवादी तरीके से समविश्वविद्यालय में भारत सरकार द्वारा जारी नियमावली को लागू कराने के लिए संघर्षरत हैं।हमें पूर्व विश्वास है कि माननीय उच्च न्यायालय से कर्मचारियों को न्याय मिलेगा।उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की इस लड़ाई में विभिन्न सामाजिक,राजनीतिक व गैरराजनीतिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है। जिसके चलते कर्मचारियों के उत्साह में कोई कमी नहीं है कर्मचारियों के उत्साह से अनाधिकृत रुप से विश्वविद्यालय का संचालन कर रहे प्रशासन में असुरक्षा का माहौल है जिसके चलते वह कर्मचारियों को लाभ देने की लालसा देकर कर्मचारियों के फूट डालने का प्रयास कर रहा है। आन्दोलनरत कर्मचारियों का कहना है कि वह अनाधिकृत प्रशासन की कुचक्र नीति को सफल नहीं होने देंगे तथा एकजूट होकर अपनी लड़ाई को जारी रखेंगे।उन्होंने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के शीर्ष नेता शीघ्र ही धरना स्थल पर आकर कर्मचारियों के समर्थन में अपना मत रखेंगे। विदित हो कि पिछले दिनों प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केन्द्रीय मंत्री हरीश रावत ने धरना स्थल पर पहुँच कर्मचारियों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा था कि कर्मचारियों की इस लड़ाई को कांग्रेस सड़क से लेकर सदन लड़ने का काम करेगी साथ ही भारतीय किसान यूनियन के मण्डल स्तर के नेताओं ने धरना स्थल पर आकर कर्मचारियों को अपना समर्थन दिया हैं। विभिन्न संगठनों से मिल रहे समर्थन से कर्मचारियों में जोश व ऊर्जा का संचार व्याप्त हैं।
लगातार बारिश के बाद प्रशासन सतर्क
हरिद्वार। राज्य के ऊपरी हिस्सों के साथ साथ जनपद में हो रही लगातार बारिश के बाद प्रशासन सतर्क है। गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और लक्सर सहित अन्य जल से प्रभावित होने वाले निचले क्षेत्रों में सावधानी बरती जा रही है। ज्ञात रहे कि हर वर्ष बारिशों में लक्सर में काफी नुक्सान होता रहा है। सिंचाई विभाग भी लगातार जलस्तर पर नजर गड़ाए हुए है। सुबह डिस्चार्ज जो एक लाख बीस हजार क्यूसेक के करीब था वह इस वक्त डेढ़ लाख के करीब है। एसडीओ कैनाल भारत-भूषण शर्मा ने बताया कि हालांकि अभी जलस्तर चेतावनी लेवल 293 से नीचे ही बना हुआ है,लेकिन एहतियात बरती जा रही है। उन्होंने बताया कि सुबह भीमगोड़ा बैराज पर वाटर लेवल 292.50दर्ज किया गया था जो दोपहर में ओर बढ़ा है।रिवर इनफ्लो व आउटफ्लो डेढ़ लाख के आसपास बना हुआ है और वाटर लेवल की निरंतर मानिटरिंग की जा रही है। उधर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगातार हो रही बारिश के बीच सुबह वर्चुअल माध्यम से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा के दृष्टिगत वे अपनी पूरी टीम के साथ लगातार ग्राउंड ज़ीरो पर रहें।अतिवृष्टि के कारण सड़कों के बाधित होने की स्थिति में उन्हें शीघ्र सुचारु किया जाए।पेयजल और विद्युत की लाइनें क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यथाशीघ्र व्यवस्थाएं सुचारु की जाएं।यह भी सुनिश्चित किया जाए कि ग्रामीण संपर्क मार्ग बाधित होने की स्थिति में लोगों के आवागमन की वैकल्पिक व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित की जाए।जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा के कारण फसलों को हुई क्षति का भी शीघ्र आकलन किया जाए।
श्रावण के आखिरी सोमवार को शिवालयों में लगी रही श्रद्वालुओं की भीड़
हरिद्वार। आज श्रावण मास के आखिरी सोमवार को लगातार हो रही वर्षा के बावजूद पंचपुरी के सभी सिद्ध पौराणिक शिवालयों कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर,नील पर्वत स्थित नीलेश्वर महादेव व गौरी शंकर महादेव मंदिर,बिल्व पर्वत स्थित बिल्वकेश्वर महादेव मंदिर सहित सभी प्रसिद्ध शिवालयों में भारी भीड़ उमड़ी हुई है। सोमवार को तड़के ब्रह्म मुहूर्त में 4ः00 बजे से ही नगर के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालु शिव भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गई थी। सुबह से ही रिमझिम वर्षा में भीगते शिव भक्त बम बम का जय घोष करते हैं अपनी बारी की धैर्य से प्रतीक्षा कर रहे थे। श्रावण मास के इस आखिरी सोमवार की पूर्व संध्या पर नगर में बिजनौर नजीबाबाद धामपुर मुरादाबाद लखनऊ पूर्वी उत्तर प्रदेश से हजारों की संख्या में शिव भक्त गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचे थे और कल शाम से ही इनका जाना प्रारंभ हो गया था। आज सवेरे भी हजारों कांवेडियो ने शिव मंदिर में जल चढ़ा कर अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन ने सभी मंदिरों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।