हरिद्वार: कनखल संन्यास मार्ग स्थित श्री रामेश्वर आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के छठे दिन महामण्डलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने रुक्मिणी विवाह की मनमोहक कथा सुनाई, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस अवसर पर नगर विधायक मदन कौशिक भी उपस्थित रहे और उन्होंने कहा कि भागवत कथा का आयोजन बड़े पुण्य कर्मों से प्राप्त होता है और यह पितरों सहित आयोजकों व श्रोताओं के लिए मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है।
कथा व्यास स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा प्रस्थान, कंस वध, महर्षि संदीपनी से विद्या ग्रहण, कालयवन वध, द्वारिका स्थापना और उद्धव-गोपी संवाद सहित विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों को महारास के माध्यम से परमानंद की अनुभूति करवाई और १६ हजार कन्याओं से विवाह किया।
कथावाचक ने जीवन को बांसुरी की तरह बनाने का संदेश दिया, जिसमें मनुष्य को अपनी वाणी से सदैव भगवन नाम स्मरण करने और अपशब्द न बोलने की सीख दी गई। उन्होंने संस्कारयुक्त जीवन, ब्रह्म मुहूर्त में उठने, यज्ञ करने और गौ सेवा के महत्व पर भी बल दिया। कार्यक्रम में रुक्मिणी विवाह की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई और वरमाला के समय फूलों की वर्षा से भक्तिमय वातावरण बन गया।