केदारनाथ धाम के कपाट खुले: ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजी केदारघाटी

केदारनाथ/ऋषिकेश: ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग भगवान श्री केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार प्रातः 8 बजे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उपस्थित रहे और पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। मंदिर को 51 क्विंटल फूलों से सजाया गया था और सेना के बैंड की धुनों के बीच हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।

ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप में यात्रियों को मिल रहा ‘पहाड़ी स्वाद’

ऋषिकेश: चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं के लिए ऋषिकेश ट्रांजिट कैंप आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मुख्यमंत्री की पहल पर स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा यात्रियों को मंडवे की रोटी, कापली भात, झंगोरे की खीर और उड़द के पकौड़े जैसे पारंपरिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं। इससे न केवल यात्रियों को उत्तराखंड की संस्कृति का अनुभव मिल रहा है, बल्कि स्थानीय महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे हैं।

नैनीताल में पर्यटन सीजन की तैयारियां तेज: जल्द लागू होगी फास्टैग व्यवस्था

नैनीताल: जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने आगामी पर्यटन सीजन की समीक्षा बैठक में नैनीताल के टोल प्लाजा पर तत्काल ‘फास्टैग’ व्यवस्था शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए शटल सेवा, पार्किंग और टैक्सी रेट लिस्ट का प्रदर्शन अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन कर सड़क पर वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ कड़ी चालानी कार्रवाई की जाएगी।

ड्यूटी से गायब कर्मचारियों पर गिरी गाज: सीडीओ ने रोका वेतन

भीमताल: मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे ने खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय मेहरागांव के औचक निरीक्षण के दौरान बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए दो कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ ने बीईओ के खिलाफ भी विभागीय जांच के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। हालांकि, स्कूल निरीक्षण के दौरान स्टाफ की उपस्थिति और बच्चों के शैक्षिक स्तर पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।

संस्थागत प्रसव पर जोर: गर्भवती महिलाओं की निगरानी के सख्त निर्देश

नैनीताल: जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव (Institutional Delivery) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंजीकरण के पहले दिन से ही गर्भवती महिलाओं की निगरानी की जाए और हर महिला का ‘बर्थ प्लान’ तैयार हो। इसके साथ ही उन्होंने अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर छापेमारी करने और 7 मई को कृमि मुक्ति दिवस पर स्कूलों में दवा वितरण की प्रभावी निगरानी के आदेश भी दिए।

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