देहरादून/हल्द्वानी: उत्तराखंड राज्य की स्थापना के 25 वर्ष और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 4 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की विकास यात्रा और भविष्य के रोडमैप को साझा किया। रक्षा मंत्री ने उत्तराखंड के संघर्ष और बलिदान को नमन करते हुए इसे देश के विकास का एक महत्वपूर्ण इंजन बताया।
विकास के नए कीर्तिमान और आर्थिक प्रगति
रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड ने बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
- कनेक्टिविटी: सड़क, रेल और हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार।
- आर्थिक वृद्धि: राज्य की जीडीपी (GDP) और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि, जो विकास की तीव्र गति का प्रमाण है।
- संसाधन उपयोग: उन्होंने जोर दिया कि “पहाड़ की जवानी और पानी” का उपयोग स्थानीय विकास के लिए होना चाहिए ताकि पलायन रुके और युवाओं को घर पर ही रोजगार मिले।
धामी सरकार के साहसिक निर्णय: UCC और नकल विरोधी कानून
रक्षा मंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा लिए गए कड़े निर्णयों की सराहना करते हुए उन्हें ‘मील का पत्थर’ बताया:
- समान नागरिक संहिता (UCC): उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना जिसने इसे लागू कर सामाजिक न्याय की मिसाल पेश की।
- नकल विरोधी कानून: भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देश का सबसे सख्त कानून।
- अतिक्रमण पर प्रहार: देवभूमि की पवित्रता बनाए रखने के लिए अवैध घुसपैठ और अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म का मंत्र: मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते चार वर्षों की उपलब्धियों का विवरण देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर चल रही है।
- निवेश: ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के माध्यम से बड़े निवेश समझौते हुए हैं।
- महिला सशक्तिकरण: स्टार्टअप और उद्योगों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है।
- रिवर्स पलायन: वाइब्रेंट विलेज योजना और होमस्टे के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों से पलायन रुका है और लोग वापस लौट रहे हैं।