
रुड़की तहसील से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी तंत्र की बड़ी लापरवाही के कारण एक जीवित किसान को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया। इतना ही नहीं, किसान को मृत दिखाकर उसकी पुश्तैनी भूमि भी किसी अन्य व्यक्ति के नाम हस्तांतरित कर दी गई।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम टोडा कल्याणपुर के निवासी राजकुमार (पुत्र शुगन) को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब उन्होंने 18 फरवरी 2026 को अपनी भूमि की नकल निकलवाई। नकल देखकर उनके होश उड़ गए, क्योंकि दस्तावेजों में उन्हें मृत दर्शाया गया था।
- फर्जी आदेश: खसरा नंबर 834 की नकल के अनुसार, 23 मार्च 2023 के एक कथित आदेश के आधार पर राजकुमार को मृत घोषित किया गया।
- भूमि का हस्तांतरण: उनकी भूमि को चंदू पटेल (पुत्र राजकुमार) और सरोज (पत्नी स्व. राजकुमार) के नाम दर्ज कर दिया गया। यह आदेश 28 मार्च 2023 को पारित बताया गया है।
पीड़ित की मांग
हैरानी की बात यह है कि भूमि के असली मालिक राजकुमार पूरी तरह स्वस्थ और जीवित हैं, लेकिन कागजी हेरफेर के कारण उन्हें अपनी ही जमीन से बेदखल कर दिया गया है। पीड़ित किसान ने तहसीलदार को लिखित प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि:
- इस फर्जी आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए।
- उनकी भूमि को पुनः उनके नाम पर दर्ज किया जाए।
- इस साजिश में शामिल दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
इस मामले ने न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं, बल्कि किसानों की जमीन की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
- जब इस संबंध में जॉइंट मजिस्ट्रेट रुड़की से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
- तहसीलदार विकास अवस्थी ने बताया कि अभी प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है और मामले की जाँच की जा रही है। जाँच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी।