आगामी 16 फरवरी को देहरादून में होने वाले ‘राजभवन कूच’ की तैयारी के लिए बैठक आयोजित की गई थ। इस बैठक की मुख्य बातों का संक्षिप्त विवरण दिया गया है:

बैठक का मुख्य उद्देश्य

  • राजभवन कूच की रणनीति: 16 फरवरी को उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर होने वाले विरोध प्रदर्शन को सफल बनाना।
  • एकजुटता: सभी कार्यकर्ता ऋषिकुल स्थित कार्यालय पर एकत्रित होकर पोस्टरों और झंडों के साथ देहरादून के लिए प्रस्थान करेंगे।

नेताओं द्वारा उठाए गए प्रमुख मुद्दे

​कांग्रेस नेताओं ने वर्तमान भाजपा सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरते हुए निम्नलिखित आरोप लगाए:

  1. सरकारी विफलता: नेताओं (संजय पालीवाल और प्रदीप चौधरी) के अनुसार, धामी सरकार महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा में पूरी तरह विफल रही है।
  2. अंकिता भंडारी हत्याकांड: नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार सीबीआई जांच की संस्तुति के नाम पर भाजपा से जुड़े दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है।
  3. कानून व्यवस्था और सांप्रदायिकता: कोटद्वार की घटना का जिक्र करते हुए सरकार पर प्रदेश में नफरत फैलाने और विफलताओं को छुपाने के लिए सांप्रदायिकता का सहारा लेने का आरोप लगाया गया।
  4. भ्रष्टाचार: वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति केवल दिखावा है और सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है।

प्रमुख उपस्थित नेता

​बैठक की अध्यक्षता सोम त्यागी ने की और संचालन मनोज सैनी ने किया। अन्य प्रमुख वक्ताओं में शामिल थे:

  • ​संजय पालीवाल (पूर्व राज्यमंत्री)
  • ​प्रदीप चौधरी (पूर्व पालिकाध्यक्ष)
  • ​मकबूल कुरैशी, विमला पांडेय और रवीश भटीजा
  • कैश खुराना (यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष)
  • ​संजय सैनी, विशाल प्रधान और अन्य कार्यकर्ता।

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