उत्तराखंड में एक ओर जहाँ प्रशासन विकास और राहत कार्यों के लिए धन आवंटित कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शासन स्तर पर संवाद की कमी के कारण राजधानी में विरोध प्रदर्शन की स्थिति बनी हुई है। साथ ही, हल्द्वानी के ठगी कांड ने राज्य में वित्तीय सुरक्षा और पोंजी स्कीमों के प्रति सतर्कता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
देहरादून: ऑटो-रिक्शा यूनियन का सीएम आवास कूच कल
देहरादून के ऑटो-रिक्शा चालकों और यूनियन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी विभिन्न मांगों, विशेषकर संचालन संबंधी नियमों और शासन की अनदेखी से नाराज यूनियन ने 20 जनवरी को मुख्यमंत्री आवास कूच करने का निर्णय लिया है।
कारण: यूनियन का कहना है कि उन्होंने लंबे समय से अपनी समस्याओं को शासन के सामने रखा है, लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
असर: इस विरोध प्रदर्शन से राजधानी की यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है।
हल्द्वानी: 39 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी का खुलासा
हल्द्वानी में निवेश के नाम पर एक बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने ’25 महीने में पैसा दोगुना करने’ का लालच देकर लगभग 8,000 लोगों को अपना शिकार बनाया।
कुल ठगी: जालसाज ने कुल 39 करोड़ रुपये की राशि हड़प ली।
कैसे हुआ खुलासा: यह मामला मुख्यमंत्री की ‘जनसुनवाई’ के दौरान सामने आया, जब पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनाई। प्रशासन ने अब इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सरकारी राहत: विकास कार्यों के लिए 183.71 करोड़ जारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विकास और आपदा राहत के लिए एक बड़ी वित्तीय मंजूरी दी है। सरकार ने कुल 183.71 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है।
विकास कार्य: इस बजट का उपयोग विभिन्न जनपदों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जाएगा।
आपदा राहत: सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपदा प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए 1-1 लाख रुपये की राहत राशि देने का प्रावधान किया गया है।