हरिद्वार जिला सहकारी बैंक की प्रशासनिक कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक में बैंक की वित्तीय और प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। बैठक में एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) की वसूली और विभिन्न ऋणों (फसली और कृषि) के वितरण पर चर्चा हुई। बैंक की शाखाओं को आधुनिक बनाने के लिए कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (CBS) सॉफ्टवेयर और माइक्रो-एटीएम से संबंधित नीतियों को भी मंजूरी दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों को समय पर ब्याज मुक्त ऋण देने और ऋण वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए।