हरिद्वार। मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती आकांक्षा कोंडे ने नारसन विकासखंड के श्री राधे कृष्णा सीएलएफ के अंतर्गत माही स्वयं सहायता समूह द्वारा स्थापित डेयरी और माही मिल्क बार का निरीक्षण किया। यह पहल ‘ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना’ के सहयोग से स्थापित की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।
समूह की महिलाओं ने सीडीओ को बताया कि इंडियन ओवरसीज बैंक से 3 लाख रुपये का ऋण मिलने के बाद उनका दुग्ध उत्पादन 250 लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 450 लीटर प्रतिदिन हो गया है। वे आंचल डेयरी सहित पांच स्थानीय डेयरियों को दूध बेच रही हैं। समूह ने मंगलौर में ‘माही डेयरी’ नाम से एक सफल आउटलेट भी शुरू किया है, जहाँ प्रतिदिन 100 लीटर दूध का उपयोग दही, लस्सी, पनीर, मावा और मक्खन जैसे विभिन्न उत्पाद बनाने में किया जाता है। इस सफलता से समूह की लाभार्थी महिलाएं अपने परिवार की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं और बच्चों को अच्छी शिक्षा व पोषण मिल रहा है। यह ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना और जिला प्रशासन हरिद्वार के प्रयासों का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।