हरेला पर्व पर ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया लगाएगा एक लाख पौधे
ट्री ट्रस्ट ऑफ इंडिया (TTI) उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला को ‘वृक्ष दिवस’ के रूप में मनाएगा और इस दौरान एक लाख पौधे लगाएगा। TTI के अध्यक्ष ग्रीनमैन विजयपाल बघेल ने बताया कि यह वर्ष चिपको आंदोलन की प्रणेता माता गौरादेवी का जन्म शताब्दी वर्ष है, जिसे TTI पूरे उत्तराखंड में मना रहा है। गौरादेवी जन्म शताब्दी वर्ष का शुभारंभ 24 मार्च को चिपको स्मृति स्थल रैणी गांव से चिपको चेतना यात्रा के संचालन के साथ किया गया था। कांवड़ मेले के कारण पौधारोपण का कार्य 16 से 31 जुलाई तक चलेगा।
TTI, गौरादेवी जन्म शताब्दी वर्ष में पूरे उत्तराखंड में सौ ‘गौरादेवी वाटिका’ विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है, जिसके तहत प्रत्येक तहसील मुख्यालय पर फलदार पेड़ लगाए जाएंगे। प्रांतीय संयोजक सुरेश सुयाल ने बताया कि पहाड़ों से पलायन रोकने के लिए सौ विकास खंडों के सौ चयनित गांवों को स्वावलंबी बनाने हेतु “गौरादेवी ईको टूरिज्म गांव” विकसित किए जा रहे हैं। हरिद्वार जिले में 400 से ज़्यादा जगहों पर एक लाख पौधे लगाए जाएंगे, इसकी जानकारी जिला संयोजक प्रमोद शर्मा ने दी।
महानगर व्यापार मंडल ने पुलिस व कांवड़ियों को बांटी पानी की बोतलें

महानगर व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष सुनील सेठी ने व्यापारियों के साथ मिलकर पुलिसकर्मियों और शिव भक्तों को पानी की बोतलें वितरित कीं। सिंहद्वार चौक और शंकराचार्य चौक पर बोतलों का वितरण किया गया। सेठी ने शिव भक्तों से हरिद्वार की मर्यादा और गरिमा का ध्यान रखने और कांवड़ यात्रा के मानकों का पालन करने की अपील की। उन्होंने शहरवासियों और सामाजिक संस्थाओं से भी अपनी जिम्मेदारी निभाने और कांवड़ मेले को सकुशल संपन्न कराने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करने का आह्वान किया।
शिव महापुराण कथा से होती है धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति

श्री अखंड परशुराम अखाड़े की ओर से पुलवामा आतंकी हमले में जान गंवाने वाले लोगों की याद में जिला कारागार रोशनाबाद में श्री शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथाव्यास महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने कथा के दूसरे दिन कहा कि कलिकाल में शिव महापुराण कथा कल्पतरु के समान है, जिसके श्रवण से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पदार्थों की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि महादेव शिव जैसा दयालु कोई देवता नहीं है और वे भक्तों की सूक्ष्म आराधना से ही प्रसन्न हो जाते हैं। श्री अखंड परशुराम अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए धार्मिक अनुष्ठान, यज्ञ और कथाओं के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया।