हरिद्वार: गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के एक छात्र और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पूर्व जिला अध्यक्ष ने हरिद्वार में फर्जी डिग्रीधारी डॉक्टरों की बढ़ती संख्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने दावा किया है कि ये फर्जी डॉक्टर बड़े-बड़े अस्पतालों में काम कर रहे हैं, जिससे आम जनता के जान-माल का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
सोशल मीडिया पर आई खबरोनुसार छात्र नेता ने हरिद्वार के स्वास्थ्य ढांचे को “नीम हकीम खतराए जान” करार दिया है, जो यह दर्शाता है कि अयोग्य और अप्रशिक्षित लोग मरीजों का इलाज कर रहे हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने इस बात पर भी निराशा व्यक्त की कि अस्पताल प्रबंधन इस गंभीर मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
उन्होंने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और कहा है कि ऐसे फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई है और आगे भी उठाते रहेंगे। यह मुद्दा हरिद्वार के स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस पर तत्काल ध्यान देने और सख्त कार्रवाई की आवश्यकता है ।