नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल शहर में अधिवक्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच हुए विवाद और मारपीट के मामले में दायर समझौते की प्रार्थना पर सुनवाई के बाद दोनों पक्षों द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकियों (FIRs) को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई।
यह मामला बीते दिनों का है जब पुलिसकर्मियों और अधिवक्ताओं के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी, जो बाद में मारपीट में बदल गई। इस घटना के बाद दोनों ही पक्षों ने तल्लीताल कोतवाली में एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थीं।
जीवन चंद्र, सुब्र रस्तोगी और अन्य ने इस संबंध में अलग-अलग याचिकाएं हाईकोर्ट में दायर की थीं, जिसमें उन्होंने एफआईआर रद्द करने का अनुरोध किया था। अधिवक्ता सुब्र रस्तोगी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पुलिसकर्मियों द्वारा माफी मांगने के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। इसी समझौते के आधार पर हाईकोर्ट ने दोनों तरफ से दर्ज एफआईआर को निरस्त करने का आदेश दिया। इस फैसले से दोनों पक्षों के बीच चल रहा विवाद अब समाप्त हो गया है।