हरबर्टपुर, (देहरादून): लांजर रोड से हरबर्टपुर राष्ट्रीय राजमार्ग तक सड़क किनारे खड़े कई विशालकाय पेड़ अब ‘मौत के डेंजर’ बन गए हैं. ये पेड़ किसी भी पल गिरकर एक बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं.
क्यों है यह खतरा?
इन पेड़ों से उत्पन्न खतरे के कई कारण हैं:
* सूखे और जर्जर पेड़: कई सालों से सूखे खड़े ये पेड़ बेहद जर्जर हो चुके हैं. हल्की सी आंधी या तेज हवा चलने पर भी इनके टूटकर गिरने का डर बना रहता है.
* जानलेवा हादसे: पूर्व में भी इन पेड़ों के गिरने से कई लोगों की जान जा चुकी है, जो इनकी गंभीरता को दर्शाता है.
* सड़क की ओर झुकाव: कुछ पेड़ तो सीधे सड़क की ओर झुके हुए हैं, जिससे सड़क से गुजरने वाले वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए हर समय खतरा बना रहता है.
जन संघर्ष मोर्चा ने उठाई आवाज़!
जन संघर्ष मोर्चा ने इस गंभीर समस्या पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है. मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में एक टीम ने इन खतरनाक पेड़ों का निरीक्षण किया और स्थिति की गंभीरता को समझा. टीम ने तुरंत उपजिलाधिकारी विनोद कुमार से फोन पर बात कर इन पेड़ों के शीघ्र कटान/पातन की मांग रखी. प्रशासन ने इस पर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है.
नेगी का सख्त बयान
मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने प्रशासन की ढिलाई पर सख्त बयान दिया है. उन्होंने कहा, “यह परंपरा बिल्कुल गलत है कि प्रशासन किसी हादसे के होने के बाद ही सक्रिय होता है. हम इन पेड़ों से होने वाले किसी भी संभावित नुकसान को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे. अगर जरूरत पड़ी तो हम वन विभाग के मुखिया से भी इस संबंध में बात करेंगे!”
मोर्चा की टीम में शामिल
इस मुहिम में मोर्चा की टीम में महासचिव आकाश पंवार, विजयराम शर्मा, दिलबाग सिंह, हाजी असद, और अतुल हांडा शामिल रहे।