हरिद्वार: नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने “ऑपरेशन सिंदूर में मीडिया की विश्वसनीयता” पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। मुख्य अतिथि राज्यमंत्री ओम प्रकाश जमदग्नि ने जोर देकर कहा कि देश और समाज के हित में पत्रकारिता को निष्पक्ष होना चाहिए और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। उन्होंने मीडिया से खबरों के प्रेषण में जल्दबाजी न करने का आग्रह किया, विशेष रूप से “ऑपरेशन सिंदूर” से संबंधित मामलों में, क्योंकि ऐसी खबरें जनता पर व्यापक प्रभाव डालती हैं।
वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि डोभाल ने बताया कि “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान जम्मू-कश्मीर की जनता ने जिस तरह से देश का समर्थन किया, उसने कई अफवाहों को खारिज कर दिया। उन्होंने युद्ध रिपोर्टिंग के जोखिमों पर भी प्रकाश डाला और जन सरोकारों की पत्रकारिता करने वाले पत्रकारों के एक समूह की आवश्यकता पर बल दिया।
समाजसेवी और बीजेपी नेता डॉ. विशाल गर्ग ने पत्रकारों को समाज के सामने देश और समाज की वास्तविक स्थिति को ईमानदारी और सच्चाई से प्रस्तुत करने की उनकी जिम्मेदारी की याद दिलाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व कुलपति डॉ. सुनील कुमार जोशी ने “ऑपरेशन सिंदूर” को पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद पर एक बड़ा ऑपरेशन बताया, जो अभी भी जारी है। उन्होंने पत्रकारिता में बढ़ती संख्या के कारण गुणवत्ता प्रभावित होने की चिंता भी व्यक्त की।
संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार शशि शर्मा, ललितेंद्र नाथ और डॉ. हरिनारायण जोशी ने भी मीडिया की विश्वसनीयता पर अपने विचार रखे।
हिंदी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर, रामेश्वर शर्मा, गोपाल कृष्ण बडोला, दिशा शर्मा, और पल्लवी सूद को जन सरोकारों की पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट फोटो जर्नलिज्म के लिए बालकृष्ण शर्मा और दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार कमलकांत बुधकर की पत्नी संगीता बुधकर को भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, हरपाल सिंह, राहुल शर्मा, मुकेश कुमार सूर्या, भगवती प्रसाद गोयल, प्रमोद कुमार, विक्रम सिंह सिद्धू, नवीन कुमार, सूर्या सिंह राणा, शशि शर्मा, संजू पुरोहित, धर्मेंद्र कुमार, अमित कुमार मंगोलिया, नवीन चंद्र पांडे, प्रभाष भटनागर, गणेश भट्ट, चौधरी महेश सिंह, और धीरेंद्र सिंह रावत को भी हिंदी पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
यूनियन की जिला अध्यक्ष सुदेश आर्या, महासचिव मुकेश कुमार और अन्य पदाधिकारियों ने अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन मुकेश कुमार सूर्य और त्रिलोक चंद्र भट्ट ने किया।

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