हरिद्वार: एसएमजेएन कॉलेज में भारत-पाकिस्तान युद्ध के विषय पर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त की। कई छात्रों ने तो प्रधानमंत्री से सीमा पर तैनाती की अनुमति तक मांगी।
संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अखाड़ा परिषद एवं कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा तभी सुदृढ़ हो सकती है जब प्रत्येक युवा को कॉलेज स्तर से ही सैन्य प्रशिक्षण मिलना प्रारंभ हो जाए। उन्होंने वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए कहा कि अब यह अनिवार्य हो जाना चाहिए कि देश के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की इकाइयां स्थापित की जाएं। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने দৃঢ়ता से कहा कि जब देश का हर युवा देश की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित होगा, तभी हम आतंकवाद और सीमा पार से होने वाली साजिशों का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम होंगे। उन्होंने कॉलेज परिवार की ओर से सेना को पूर्ण समर्थन देते हुए कहा कि कॉलेज हमेशा सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर सुनील कुमार बत्रा ने हाल ही में पहलगाम में हुई घटना का उल्लेख करते हुए इसे पाकिस्तान की कायरतापूर्ण हरकत बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता की भावनाओं के अनुरूप इसका करारा जवाब दिया है। प्रोफेसर बत्रा ने गर्व से कहा कि आज हमारी बेटियां भी पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए हथियार उठाने को तत्पर हैं।
छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में सेना में भर्ती हों। उन्होंने कहा कि जब हमारा देश सुरक्षित रहेगा, तभी हम सभी सुरक्षित रह पाएंगे।
इस अवसर पर कॉलेज की छात्राओं ने भी खुलकर अपने देशप्रेम और जज्बे का प्रदर्शन किया। बीएससी की छात्रा अपराजिता ने कहा कि भारत में आतंकवाद फैलाने वालों को जड़ से समाप्त करने के लिए एनसीसी एक शक्तिशाली हथियार साबित हो सकता है। अर्शिका नामक छात्रा ने बॉर्डर पर जाने की अपनी तीव्र इच्छा व्यक्त करते हुए कहा कि बेटियां भी अब सीमा पर जाने के लिए बेचैन हैं। रिया कश्यप ने कहा कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए हमारी सेना पर गर्व है। कशिश ठाकुर ने कहा कि वीरता से ही विजय प्राप्त होती है, और भारत हमेशा से ही वीरों की भूमि रहा है।
कार्यक्रम के समापन पर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन प्रेषित किया, जिसमें उन्होंने सीमा पर देश की रक्षा के लिए भेजे जाने की मांग की। इस ज्ञापन पर दिव्यांशु, अली, मानसी, इशिका, अंशिका, टिया, ओमिषा, आंचल, चारू, संध्या, शगुन, अनुराधा, शिवानी, नेहा, वैष्णवी धीमान, कामिनी, गौरव बंसल, महक और रिया समेत कई अन्य छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर किए।
संगोष्ठी में प्रोफेसर जगदीश चंद्र आर्य, विनय थपलियाल, डॉ. मनोज कुमार सोही, डॉ. शिव कुमार चौहान, वैभव बत्रा, डॉ. अमिता मल्होत्रा और कार्यालय अधीक्षक मोहन चंद्र पांडे भी उपस्थित थे।