हरिद्वार, 28 अप्रैल: भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) क्रांति ने हरिद्वार जिले की औद्योगिक इकाइयों पर मजदूरों और कर्मचारियों के शोषण का गंभीर आरोप लगाया है और इस मुद्दे पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाकियू क्रांति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास सैनी ने कहा कि जिले में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों और मजदूरों का लगातार शोषण किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वेतन वृद्धि और बेहतर सुविधाओं की मांग करने पर कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया जाता है। शिकायत करने के बावजूद संबंधित अधिकारी भी कर्मचारियों को न्याय दिलाने में नाकाम साबित हो रहे हैं और सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है।
विकास सैनी ने जेके टायर कंपनी के हजारों कर्मचारियों का उदाहरण देते हुए कहा कि वे शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कर्मचारियों के समर्थन में भाकियू क्रांति आगामी 1 मई को बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके बाद भी यदि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
किसानों के मुद्दे पर बात करते हुए विकास सैनी ने कहा कि सरकार की किसानों को लेकर नीयत साफ नहीं है। एक तरफ केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड सरकार किसानों के बकाया 215 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कर रही है।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि वह श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे और किसानों व मजदूरों के उत्पीड़न पर रोक लगाए। यदि सरकार मजदूरों और किसानों को न्याय नहीं दिला पाई तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस पत्रकार वार्ता में राष्ट्रीय प्रवक्ता तौफीक अहमद, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनोद प्रजापति, राष्ट्रीय सलाहकार पदम सिंह, जिलाध्यक्ष अजीम कुरैशी और जिला महासचिव सूरज राजपूत भी उपस्थित थे।