हरिद्वार: जमालपुर के राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जमालपुर कलां में प्रवेशोत्सव के दिन स्कूल का गेट बंद रखने के मामले में प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार बर्थवाल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। खंड शिक्षा अधिकारी की जांच में प्रधानाचार्य के निर्देश पर गेट बंद किए जाने के आरोप सही पाए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी को भेज दी है, जिसके बाद अब प्रधानाचार्य पर कार्रवाई की जा सकती है।
दरअसल, 21 अप्रैल को पूरे प्रदेश में प्रवेशोत्सव मनाया गया था और सरकारी स्कूलों में नए दाखिले हो रहे थे। लेकिन, जमालपुर कलां स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का गेट अभिभावकों के लिए खोला ही नहीं गया। अपने बच्चों का दाखिला कराने पहुंचे अभिभावक तेज धूप में स्कूल के बाहर खड़े रहे और गेट न खुलने के कारण बच्चे भी बिना दाखिला कराए वापस लौट गए।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी बृजपाल सिंह राठौर को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। जांच अधिकारी ने स्कूल पहुंचकर प्रधानाचार्य, एसएमसी अध्यक्ष, शिक्षकों, शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं से पूछताछ की। जांच में यह पाया गया कि प्रवेशोत्सव के दिन विद्यालय के मुख्य द्वार पर एक परिचारक की ड्यूटी लगाई गई थी। प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार बर्थवाल ने परिचारक को यह निर्देश दिया था कि वह अभिभावकों को सूचित कर दे कि विद्यालय में छात्रों के प्रवेश के लिए सीटें खाली नहीं हैं। यह सूचना परिचारक द्वारा बंद गेट पर ही अभिभावकों को दी जा रही थी। इसके बावजूद, अभिभावक अपने बच्चों के दाखिले के लिए स्कूल के गेट पर इंतजार करते रहे, लेकिन प्रधानाचार्य के आदेश के कारण स्कूल का गेट नहीं खोला गया, जिससे अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला नहीं करा सके।
खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता को भेज दी है।

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