हरिद्वार। आगामी कुंभ मेला-2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए हरिद्वार में घाटों के विस्तार, निर्माण और रख-रखाव का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। कुंभ क्षेत्र में वर्तमान में 104 छोटे-बड़े घाट हैं, जिनकी कुल लंबाई करीब 12.5 किलोमीटर है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने घाटों के विकास को प्राथमिकता दी है।
फिलहाल हरिद्वार में चार नए घाटों का निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि कुंभ क्षेत्र में तीन नए घाटों को मंजूरी मिल चुकी है। इन नए घाटों की कुल लंबाई करीब तीन किलोमीटर होगी। इससे श्रद्धालुओं को स्नान के लिए अतिरिक्त स्थान उपलब्ध होगा और हरकी पैड़ी समेत प्रमुख घाटों पर भीड़ का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
घाटों के निर्माण, जीर्णोद्धार और सफाई व्यवस्था में सार्वजनिक एवं निजी संस्थाओं को सीएसआर के माध्यम से जोड़ने की पहल भी की गई है। इसका उद्देश्य सरकारी प्रयासों के साथ सामाजिक सहभागिता बढ़ाकर घाटों का दीर्घकालिक रख-रखाव सुनिश्चित करना है। अब तक डेढ़ दर्जन से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। कई संस्थाओं ने घाटों के सौंदर्यीकरण और रख-रखाव में सहयोग की इच्छा जताई है।
व्यवस्था के तहत सीएसआर से विकसित घाट की सफाई, रख-रखाव और आवश्यक सुविधाओं की जिम्मेदारी संबंधित संस्था की होगी, लेकिन घाट आम श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए सार्वजनिक ही रहेंगे।
प्राप्त प्रस्तावों की जांच के लिए मेलाधिकारी सोनिका के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। शुक्रवार को मेला नियंत्रण भवन में डॉ. ललित नारायण मिश्र की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। बैठक में प्राप्त प्रस्तावों का प्रारंभिक परीक्षण किया गया तथा घाटों के विकास से जुड़े तकनीकी और मेला संबंधी पहलुओं पर चर्चा की गई। बैठक में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल, उपनगर आयुक्त दीपक गोस्वामी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।