हरिद्वार में ट्यूशन आते-जाते समय एक नाबालिग लड़की को परेशान करने, गंदे इशारे करने और मोबाइल नंबर न देने पर उसके माता-पिता को जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी समीर को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। विशेष पॉक्सो जज और अपर जिला जज लक्ष्मण सिंह ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी समीर को दोषी करार दिया और उसे एक वर्ष के कारावास के साथ एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

​यह मामला 25 अगस्त 2023 का है, जब ज्वालापुर क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाली नाबालिग छात्रा अपनी साइकिल से जा रही थी। तभी आरोपी समीर ने उसे रोककर बदतमीजी की। किसी तरह आरोपी के चंगुल से बचकर घर पहुंची पीड़िता ने अपने परिजनों को बताया कि समीर काफी समय से उसे आते-जाते परेशान कर रहा था। वह न केवल अभद्र इशारे करता था, बल्कि मोबाइल नंबर के लिए दबाव भी बनाता था। नंबर देने से इनकार करने पर उसने पीड़िता के माता-पिता की हत्या की धमकी दी थी।

​घटना के अगले दिन पीड़िता के पिता ने बाबर कॉलोनी निवासी समीर पुत्र अरशद उर्फ टूया के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदेश चौहान ने बताया कि पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें सरकारी पक्ष ने सात गवाह पेश किए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए सजा का फैसला सुनाया।

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