देहरादून। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (उत्तराखंड) द्वारा आज राजधानी देहरादून में एक सांकेतिक धरने का आयोजन किया गया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने ब्राह्मण समाज की अस्मिता और अधिकारों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की और सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखीं।

प्रमुख मांगें:

​धरने के दौरान महासभा ने मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जोर दिया:

  1. शंकराचार्य का सम्मान: ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी के विरुद्ध अपमानजनक टिप्पणी करने वालों पर तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
  2. उत्पीड़न पर रोक: ब्राह्मण समाज के खिलाफ की जा रही अभद्र टिप्पणियों और दुर्व्यवहार की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं।
  3. सार्वजनिक अवकाश की मांग: अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर, भगवान श्री परशुराम जी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में राजकीय अवकाश घोषित किया जाए।

“अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा” – मनमोहन शर्मा

​धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि सरकार ब्राह्मण समाज की अनदेखी जारी रखती है, तो इसे सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “समाज का कोई भी व्यक्ति यदि ब्राह्मणों का अपमान करेगा, तो महासभा चुप नहीं बैठेगी। इसके लिए भविष्य में उग्र जन आंदोलन किया जाएगा और समाज के लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।”

ये रहे उपस्थित:

​इस अवसर पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन शर्मा, प्रदेश महामंत्री उमाशंकर शर्मा, संगठन मंत्री मनोज कुमार शर्मा और युवा अध्यक्ष सतेंद्र कुमार दीक्षित सहित भारी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे। अन्य प्रमुख उपस्थितों में कोषाध्यक्ष गिरीश चंद्र उप्रेती, महासचिव डॉ. वी.डी. शर्मा, जिलाध्यक्ष (देहरादून) संजय खंडूरी, युवा महामंत्री ललित बद्री और महिला उपाध्यक्ष सावित्री शर्मा शामिल थीं।

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