हरिद्वार, ( आदेश त्यागी ) : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 को भव्य रूप से आयोजित करने की तैयारियों को लेकर सभी 13 अखाड़ों के संतों, महंतों, और जनप्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में हरिद्वार, रुड़की और रानीपुर के विधायक, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष, भाजपा जिलाध्यक्ष तथा गढ़वाल मंडल के पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी शामिल हुए।
हालांकि, सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय यह रहा कि हरिद्वार में मौजूद होने के बावजूद हरिद्वार के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस महत्वपूर्ण बैठक से किनारा क्यों किया। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि रावत कथित तौर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खिलाफ अभियान चला रहे हैं, जिससे भाजपा की अंदरूनी राजनीति में खींचतान के संकेत मिलते हैं।
बैठक के दौरान, त्रिवेंद्र सिंह रावत के करीबी माने जाने वाले एक अखाड़े के महामंडलेश्वर ने अर्ध कुंभ को कुंभ मेला की तरह मनाए जाने का विरोध किया और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अस्तित्व पर सवाल उठाकर विवाद पैदा करने की कोशिश भी की, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका।