दिनांक: 6 नवम्बर, 2025
हरिद्वार। देहरादून के लेखक गाँव (थानों) में संपन्न हुए ‘द्वितीय अन्तर्राष्ट्रीय स्पर्श हिमालय कला संस्कृति एवं साहित्य महोत्सव’ के तहत आयोजित चित्रकला कार्यशाला एवं प्रदर्शनी में भाग लेने वाले हरिद्वार के कई चित्रकारों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें ‘कला की भाषा: रंग रेखा और भाव’ विषय पर हुए कला सत्र के दौरान प्रदान किया गया।
- सम्मान समारोह प्रख्यात चित्रकार पद्मभूषण श्री जतिन दास जी द्वारा किया गया।
- इस कार्यक्रम में हरिद्वार के अलावा ऋषिकेश, देहरादून व मुजफ्फरनगर के चित्रकार भी शामिल हुए थे।
- चित्रकला कार्यशाला व प्रदर्शनी के संयोजक तथा कला सत्र प्रभारी, साहित्यकार एवं चेतना पथ पत्रिका के सम्पादक अरुण कुमार पाठक ने बताया कि सम्मानित होने वाले 40 से अधिक चित्रकारों में हरिद्वार से डा. पुष्पा रानी वर्मा, डा. पूजा पंवार, संजय कुमार जायसवाल, अमृता साहनी सहित कई नाम शामिल थे।
- कार्यक्रम का संचालन दिल्ली से पधारीं साहित्यकार डा. दर्शनी प्रिय ने किया।
कला सत्र की मुख्य बातें
कला सत्र के दौरान पद्मभूषण जतिन दास ने एक प्रस्तुतीकरण के माध्यम से चित्रकारों को कला की बारीकियाँ समझाईं। मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने कहा कि “हमें कला का सर्वोच्च सम्मान करना चाहिए क्योंकि हमें कला ही जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करती है।”
इस अवसर पर हरिद्वार के राष्ट्रपति शिक्षक दिवस पुरस्कार प्राप्त व डीपीएस, रानीपुर के सेवानिवृत्त कला शिक्षक अशोक कुमार गुप्ता का संदेश भी पढ़ा गया, जिसमें उन्होंने कला के विभिन्न पक्षों की व्याख्या की।
कार्यक्रम को विशिष्ट अतिथि रास बिहारी सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून के कुलपति प्रो. हिमाशु एरोन के अलावा सन्तोष साहनी, मेघा कथूरिया, पूजा पोखरियाल, राजू पुसोला व अरुण कुमार पाठक ने भी संबोधित किया।