
हरिद्वार। महंत रघुवंश पुरी कौरा देवी ट्रस्ट के संचालन और संपत्ति को लेकर दो गुटों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एक तरफ ट्रस्ट के संस्थापक ट्रस्टी और अध्यक्ष डॉ. भरत तिवारी ने प्रेस वार्ता कर दावा किया कि ट्रस्ट समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, वहीं दूसरी तरफ ट्रस्ट के मौजूदा पदाधिकारी कृतिकांत शर्मा, विशाल शर्मा और अचिन भटनागर ने पलटवार करते हुए डॉ. तिवारी पर ही संपत्ति हड़पने और साजिश रचने का आरोप लगाया है।
डॉ. भरत तिवारी का पक्ष: निजी स्वार्थ में संपत्ति का दुरुपयोग और साजिश
डॉ. भरत तिवारी ने 5 अक्तूबर को प्रेस क्लब में बताया कि 1980 में कोरा देवी द्वारा स्थापित इस ट्रस्ट का उद्देश्य सामाजिक, धार्मिक गतिविधियाँ बढ़ाना और निर्धन परिवारों की मदद करना है।
उनके मुख्य आरोप:
- कुछ ट्रस्टी निजी स्वार्थ में ट्रस्ट की धनराशि का उपयोग कर रहे थे और संपत्ति का अवैध विक्रय कर रहे थे।
- ट्रस्ट की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने के लिए अध्यक्ष की अनुमति के बिना डीड बनाकर अनाधिकृत व्यक्तियों को ट्रस्टी के रूप में जोड़ने का प्रयास किया गया।
- इन घटनाओं के बाद तीन ट्रस्टियों को निलंबित किया गया, जो तभी से ट्रस्ट के खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं।
- उन्होंने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने विधिवत रूप से पंजीकरण कराते हुए पूरक ट्रस्ट बना दी है, जिसमें नियमानुसार ट्रस्टी रखे गए हैं।
- उन्होंने जोर दिया कि ट्रस्ट समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी है और आरोप लगाने वाले लोगों का ट्रस्ट से कोई लेना-देना नहीं है।
कृतिकांत शर्मा का पक्ष: बेबुनियाद आरोप, संपत्ति की रक्षा और कानूनी उल्लंघन
इसके जवाब में, 6 अक्तूबर को ट्रस्ट के अध्यक्ष कृतिकांत शर्मा, सचिव विशाल शर्मा, और कोषाध्यक्ष अचिन भटनागर ने प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि वे समाज हित में योगदान दे रहे हैं और ट्रस्ट की आमदनी का उपयोग निजी स्वार्थ में नहीं किया जाता।
उनके मुख्य दावे और आरोप:
- ट्रस्ट के प्रस्ताव सहमति और बहुमत के आधार पर पारित होते हैं, और उन्हें भी बहुमत के आधार पर पदाधिकारी घोषित किया गया है।
- ट्रस्ट का मूल उद्देश्य स्वर्गीय कौरा देवी की निजी संपत्ति की रक्षा, उचित प्रबंधन और समान अधिकारों के साथ संचालन सुनिश्चित करना है।
- उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग ट्रस्ट की संपत्ति को खुर्द-बुर्द करना और निजी स्वार्थ साधना चाहते हैं।
- उन्होंने पूर्व अध्यक्ष डॉ. भरत तिवारी पर बेबुनियाद व झूठे आरोप लगाने और असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया।
- उन्होंने कहा कि फर्जी तरीके से नया ट्रस्ट बनाकर ट्रस्ट की संपत्ति हड़पने का प्रयास किया जा रहा है, और पदाधिकारी की सहमति के बगैर ट्रस्ट का गठन करना कानून का उल्लंघन है।
- उन्होंने प्रशासन से इस मामले पर ध्यान देने की अपील की और कहा कि वे ट्रस्ट की संपत्ति को खुर्द-बुर्द नहीं होने देंगे।