हरिद्वार जिले के थाना झबरेड़ा क्षेत्र में मंदिरों में हुई चोरियों का हरिद्वार पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने हरियाणा के झज्जर से शातिर चोर सुल्तान अहमद उर्फ अली उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में चोरी का सामान खरीदने वाले कबाड़ी को भी पकड़ा गया है, जिससे चोरी की गई धार्मिक सामग्रियां बरामद हुई हैं।
सिद्धपीठ श्री कन्हैया जी मंदिर से शुरू हुई थी चोरियां
मामले की शुरुआत 14 मई 2025 को ग्राम बेहेडेकी सैदबाद स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री कन्हैया जी मंदिर से हुई थी, जहां से लड्डू गोपाल जी की पीतल की मूर्ति चोरी हो गई थी। इस संबंध में थाना झबरेड़ा में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी तरह की चोरी की घटनाएं भगवानपुर क्षेत्र से भी सामने आई थीं, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई थीं।
सर्विलांस और पुराने रिकॉर्ड से मिली चोर की पहचान
पुलिस ने मंदिरों में हुई पुरानी चोरियों के मामलों की छानबीन शुरू की। जांच में पता चला कि पिछले वर्ष सहारनपुर के शिव मंदिर से चांदी का नाग चुराने वाले आरोपी का हुलिया हाल ही में हुई चोरी से मेल खा रहा था। तकनीकी सर्विलांस से यह भी सामने आया कि आरोपी सुल्तान अहमद हाल ही में झज्जर, हरियाणा में रह रहा है।
हरियाणा से आरोपी गिरफ्तार, कबाड़ी भी चढ़ा हत्थे
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए झज्जर में दबिश दी और सिलानी गेट चौक के पास से सुल्तान अहमद को धर दबोचा। पूछताछ में सुल्तान ने बताया कि उसने चोरी का सारा सामान कलियर क्षेत्र में स्थित एक कबाड़ी को बेचा है। इस जानकारी के आधार पर कबाड़ी की दुकान पर छापेमारी की गई, जहां से चोरी की गई मूर्तियां और अन्य मंदिर सामग्री बरामद की गईं। चोरी का सामान खरीदने के आरोप में कबाड़ी के नाबालिग बेटे को भी हिरासत में लिया गया है।
मंदिरों से चोरी हुए धार्मिक प्रतीक बरामद
पुलिस ने चोरों से जो सामान बरामद किया है, उनमें प्रमुख रूप से लड्डू गोपाल की पीली धातु की मूर्ति, तांबे की नाग मूर्तियां (3 नग), चांदी का छत्र, पीली धातु के घंटे (3 नग), पंचदीप, कलश, घंटी और धुबत्ती स्टैंड आदि शामिल हैं।
पुलिस टीम की सक्रियता से खुला बड़ा नेटवर्क
इस सफल कार्रवाई में थाना झबरेड़ा के प्रभारी निरीक्षक अजय सिंह, उपनिरीक्षक नितिन बिष्ट और CIU रुड़की की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस टीम में हेड कांस्टेबल रामवीर, कांस्टेबल रणवीर और कांस्टेबल महिपाल तोमर भी शामिल थे। इस खुलासे से हरिद्वार पुलिस ने मंदिरों में हो रही चोरियों के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।