अल्मोड़ा: अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज वर्तमान में गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण, कॉलेज एक रेफरल सेंटर के रूप में कार्य कर रहा है, जिससे गंभीर रोगियों को अक्सर हल्द्वानी भेजा जाता है।
* विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी: न्यूरोसर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट जैसे विशेषज्ञों की भारी कमी है।
* बुनियादी सुविधाओं का अभाव: गर्भवती महिलाओं के लिए सिजेरियन ऑपरेशन जैसी बुनियादी सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हैं।
* रेफरल सेंटर की भूमिका: कॉलेज इलाज के केंद्र के बजाय एक रेफरल सेंटर के रूप में अधिक कार्य कर रहा है।
स्थानीय लोगों की चिंताएँ:
स्थानीय निवासियों ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि मेडिकल कॉलेज की वर्तमान स्थिति गंभीर है और इसे सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।
संभावित समाधान:
* सरकार को तत्काल प्रभाव से विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति करनी चाहिए।
* मेडिकल कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं, जैसे कि सिजेरियन ऑपरेशन की सुविधा, को बहाल किया जाना चाहिए।
* यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मेडिकल कॉलेज में सभी आवश्यक उपकरण उपलब्ध हों।
* जनप्रतिनिधियों को इस मुद्दे को सदन में उठाना चाहिए और सरकार पर कार्रवाई करने के लिए दबाव डालना चाहिए।
* सीएम हेल्पलाइन में दर्ज मामले पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।
सरकार से मांग:
स्थानीय लोगों ने सरकार से अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज को एक प्रभावी स्वास्थ्य सेवा केंद्र बनाने के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र के लोगों के लिए आवश्यक है कि उन्हें अपने ही शहर में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें।

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