हरिद्वार। हरकी पैड़ी पर मुलतान जोत महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।श्रद्धालुओं ने सुबह गंगाजी के साथ दूध की होली खेली।जबकि शाम को शोभायात्रा निकालकर एक सप्ताह से प्रज्ज्वलित ज्योत को गंगा में विसर्जित किया गया।महोत्सव में विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे मुल्तानी समाज के लोगों ने हिस्सा लिया।शोभायात्रा में आतिशबाजी कर जोत महोत्सव को दीपावली की तरह मनाया गया।अखिल भारतीय मुलतान संगठन के अध्यक्ष डॉ.महेंद्र नागपाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाल्टियों में दूध लेकर हरकी पैड़ी पहुंचे।श्रद्धालुओं ने पिचकारियों में दूध भरकर गंगा संग होली खेली।मुल्तान जोत महोत्सव के लिए हरिद्वार को आकर्षक ढंग से सजाया गया था।रात के समय आयोजित शोभायात्रा में प्रकाश व्यवस्था के साथ आतिशबाजी और पुष्पवर्षा की गई।इस वर्ष बिजली की नई तकनीक का प्रयोग करते हुए जोत तैयार की गई थी।विशेष जोत गंगा को अर्पित की गई।संगठन के अध्यक्ष डॉ.महेंद्र नागपाल ने बताया कि हरिद्वार में पहली मुलतान जोत वर्ष 1911 में भक्त रूपचंद पाकिस्तान के मुलतान शहर से पैदल लेकर आए थे।समाज में भाईचारे और शांति की कामना के लिए यह ज्योत गंगा को अर्पित की गई थी।तभी से परंपरा के अनुसार हर वर्ष ज्योत महोत्सव बड़े पैमाने पर और भव्य रूप में मनाया जाता है।उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण पिछले दो वर्षों से हरिद्वार में ज्योत महोत्सव का आयोजन नहीं हो पाया था।इस वर्ष बड़ी धूमधाम से गंगा के साथ दूध की होली खेली गई और शोभायात्रा निकाली गई।इस मौके पर असम के पूर्व राज्यपाल जगदीश मुखी,भाजपा महामंत्री एवं राज्यसभा सदस्य तरुण चुघ, ओमप्रकाश अरोड़ा,रतनदेव चावला और सतपाल अरोड़ा मौजूद रहे।