उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में बारिश, यातायात प्रबंधन, सामाजिक गतिविधियों और स्थानीय घटनाओं को लेकर प्रमुख स्थितियां इस प्रकार हैं:
मौसम और राज्यस्तरीय स्थिति
पूरे उत्तराखंड में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार अगले कुछ घंटे संवेदनशील बने हुए हैं। राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी-नालों के उफान पर आने का खतरा बना हुआ है, जिससे स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न और जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही राज्य स्तर पर विकास, पुनर्निर्माण और आपदा राहत कार्यों के संचालन हेतु 74 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है।
हरिद्वार
- यातायात व्यवस्था: कांवड़ मेला सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद अब शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। मेले के दौरान लागू किए गए भारी वाहनों के प्रतिबंधों और रूट डायवर्जन को हटाकर सड़कों पर आवागमन सामान्य किया जा रहा है।
- जलस्तर पर नजर: लगातार जारी बारिश के कारण गंगा नदी के जलस्तर और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर प्रशासन पूरी नजर बनाए हुए है।
देहरादून
- मौसम का असर: राजधानी देहरादून में तेज बारिश की संभावना को देखते हुए जलभराव वाले और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
- यातायात और कानून-व्यवस्था: कांवड़ यात्रा के लिए लागू विशेष ट्रैफिक प्लान समाप्त होने के बाद मुख्य मार्गों पर यातायात बहाल किया जा रहा है। वहीं, पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से 13 दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।
हल्द्वानी व नैनीताल
- सड़क एवं मार्ग स्थिति: बारिश के चलते हल्द्वानी और आसपास के पहाड़ी मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
- सामाजिक कार्य: शहर में सामाजिक गतिविधियों के तहत राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ (नैब) में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जहां जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क चश्मे और फल वितरित किए गए।
पौड़ी गढ़वाल
- भूस्खलन का खतरा: जिले के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही वर्षा के कारण भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है, जिससे कई संपर्क मार्ग बाधित हुए हैं।
- यात्रियों के लिए सलाह: खराब मौसम और सड़कों के बंद होने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने और केवल आधिकारिक अपडेट देखकर ही सफर करने की अपील की है।
चमोली
- बैली ब्रिज बहा: चीन सीमा को जोड़ने वाले सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग पर स्थित तमक नाला उफान पर आने से बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) का नया बैली ब्रिज तेज बहाव में बह गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।
- फसलों को नुकसान: लगातार बारिश के कारण क्षेत्र में सेब की खेती को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं, हालांकि किसी बड़े स्तर की जनहानि की सूचना नहीं है।
बागेश्वर
- मार्ग बंद: मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण जिले की सात मुख्य सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं, जिन्हें खोलने का कार्य जारी है।
- स्वास्थ्य शिविर: जिले में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के लिए दो दिवसीय नि:शुल्क वृहद स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां दी जा रही हैं।
अल्मोड़ा
- तेंदुए की दहशत: जाखनी क्षेत्र में एक मकान की छत पर तेंदुआ देखे जाने से स्थानीय ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है।
- सड़कें प्रभावित व कृषि अभियान: बारिश के कारण जिले के सात मार्गों पर आवागमन ठप हो गया है। दूसरी ओर, किसानों को फसल सुरक्षा का लाभ देने के उद्देश्य से फसल बीमा योजना से जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है।