हरिद्वार (11 अगस्त): हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की विधायक अनुपमा रावत ने पत्रकार वार्ता कर आरोप लगाया है कि देश के अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर वैध और जीवित मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश की जा रही है।
समाचार के मुख्य बिंदु:
- गलत तरीके से नाम काटने का प्रयास: विधायक ने बताया कि बीएलओ से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में ही निवास कर रहे और कई बार मतदान कर चुके मतदाताओं को मृत या अनुपस्थित बताकर फॉर्म-7 जमा किए जा रहे हैं।
- आंकड़ों का खुलासा: अनुपमा रावत के अनुसार 7 अगस्त को 126, 8 अगस्त को 426 और 9 अगस्त को 331 मतदाताओं के नाम काटने के लिए फॉर्म-7 लगाए गए।
- नियमों के उल्लंघन का दावा: नियमतः एक व्यक्ति अधिकतम 5 बार फॉर्म-7 का उपयोग कर सकता है, लेकिन हरिद्वार ग्रामीण में इसका उल्लंघन करते हुए एक-एक व्यक्ति (जैसे जोगेंद्र सिंह द्वारा 11 और गुरुदयाल सिंह द्वारा 7) द्वारा कई बार फॉर्म-7 जमा कराए गए हैं।
- फॉर्म-10 सार्वजनिक करने की मांग: उन्होंने मांग की कि किस आधार पर प्रक्रिया शुरू हुई है, यह स्पष्ट करने के लिए नोटिस बोर्ड पर फॉर्म-10 को सार्वजनिक किया जाए।
अनुपमा रावत ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और नियम उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पात्र मतदाताओं के नाम हटाने पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे इसके खिलाफ लोकतांत्रिक आंदोलन करेंगी। प्रेसवार्ता में मुशर्रफ अंसारी, कादिर, नदीम, हमीद, शमा और नोमान भी उपस्थित रहे।
