देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं के बचे हुए कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित ‘जिला जल एवं स्वच्छता मिशन’ की बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप योजनाओं की समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित की जाए, ताकि आवश्यक केंद्रीय धनराशि समय पर मिल सके।
डीएम ने फेज-2 की लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और पूर्ण हो चुकी योजनाओं का थर्ड पार्टी निरीक्षण (TPI) कराकर ‘हर घर जल’ प्रमाणन प्रक्रिया जल्द पूरी करने को कहा।
लापरवाही पर कार्रवाई:
- विकासखंड चकराता एवं सहसपुर के कई गांवों में ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों का गठन न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) के वेतन आहरण पर तत्काल रोक लगा दी।
- थर्ड पार्टी निरीक्षण और वित्तीय समापन में देरी पर एजेंसियों को कड़ी फटकार लगाई गई।
अन्य प्रमुख बिंदु:
- स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण): ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन और शौचालय निर्माण में तेजी लाने तथा प्लास्टिक कचरा संग्रहण हेतु रूट चार्ट व वाहन व्यवस्था के निर्देश दिए गए।
- प्रगति रिपोर्ट: जनपद के 1,29,491 ग्रामीण परिवारों में से 1,29,449 को नल कनेक्शन (HHTC) दिए जा चुके हैं।
- फेज-1 की सभी 333 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि फेज-2 की 760 में से 734 योजनाएं पूर्ण हैं (26 पर कार्य प्रगति पर है)।
- कुल 635 में से 596 गांवों को ‘हर घर जल’ प्रमाणन मिल चुका है।
- फेज-2 की कुल लागत ₹616.33 करोड़ में से अब तक ₹408.04 करोड़ व्यय किए जा चुके हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अधीक्षण अभियंता जल निगम आर.के. जैन, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान (ग्रामीण) नमित रमोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।