पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी पद्मभूषण से सम्मानित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नागरिक अलंकरण समारोह में किया सम्मानित
नई दिल्ली/देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को लोक कार्य के क्षेत्र में पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भगत सिंह कोश्यारी लंबे समय से समाज सेवा, शिक्षा, पत्रकारिता और राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। बागेश्वर जिले के दूरस्थ गांव पलानधुरा में जन्मे श्री कोश्यारी ने शिक्षा एवं जनसेवा को अपना जीवन समर्पित किया। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वे राज्य के पहले मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने और बाद में मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली। उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी प्रभावी सेवाएं दीं।
उन्होंने “उत्तरांचल प्रदेश क्यों” तथा “उत्तरांचल प्रदेश संघर्ष एवं समाधान” जैसी पुस्तकों का लेखन भी किया है। उनका जीवन जनसेवा, नेतृत्व और राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायी उदाहरण माना जाता है।

जन अपेक्षाओं के अनुरूप परिणाम देना प्रशासन की प्राथमिकता – डीएम डॉ. आशीष चौहान
सीएम घोषणाओं की नियमित समीक्षा और जवाबदेही तय करने के निर्देश


देहरादून। नव नियुक्त जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर प्रशासनिक कार्यों की प्राथमिकताओं को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए और इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारियों की नियमित फील्ड उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और प्रशासन की सक्रियता आमजन को दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं की नियमित समीक्षा करने और परियोजनाओं में अनावश्यक देरी न होने देने के निर्देश दिए।
बैठक में पॉक्सो, साइबर क्राइम और नशे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया गया। विद्यालयों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने तथा एन-कोर्ड व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए।
उन्होंने सड़क सुरक्षा, भूमि संबंधी धोखाधड़ी, अवैध कब्जों और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश देते हुए कहा कि सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाया जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था मजबूत की जाए।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को जनहित में कम से कम पांच नए महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल योजनाओं का क्रियान्वयन नहीं बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना होना चाहिए।
चारधाम यात्रा में स्वच्छता की मिसाल


श्रद्धालु निभा रहे पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
देहरादून। विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में इस वर्ष स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष जागरूकता देखने को मिल रही है। एक माह के भीतर देश-विदेश से आए लगभग 22 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के दर्शन किए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्वच्छता आह्वान का प्रभाव यात्रा मार्गों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। श्रद्धालु स्वयं साफ-सफाई का ध्यान रखने के साथ अन्य यात्रियों को भी जागरूक कर रहे हैं।
यात्रियों का कहना है कि चारधाम केवल धार्मिक स्थल नहीं बल्कि देवभूमि की सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर हैं। ऐसे में प्रत्येक यात्री का दायित्व है कि वह यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करे।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रशासन द्वारा यात्रा मार्गों पर लगातार स्वच्छता अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। विभिन्न स्थानों पर लगाए गए संदेश बोर्ड यात्रियों को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित कर रहे हैं।
श्रद्धालुओं की यह सकारात्मक भागीदारी न केवल स्वच्छ भारत अभियान को मजबूती दे रही है बल्कि देवभूमि की पवित्रता और प्राकृतिक सौंदर्य को सुरक्षित रखने का संदेश भी दे रही है।

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