October 12, 2026

हरिद्वार। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सतर्कता विभाग की टीम ने रानीपुर कोतवाली में तैनात महिला सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) सोनिया को 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह लेन-देन से जुड़े विवाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने और मामला निपटाने के एवज में शिकायतकर्ता से रकम मांग रही थी।जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति ने सतर्कता विभाग के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि संबंधित महिला पुलिसकर्मी विवाद का निपटारा कराने के लिए 10 हजार रुपये की मांग कर रही है। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने मामले का सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद अधिकारियों के निर्देश पर टीम गठित की गई।शनिवार को टीम ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर जाल बिछाया। बताया गया कि पितृ अमावस्या के अवसर पर महिला एएसआई की ड्यूटी शहर कोतवाली क्षेत्र के मायापुर में लगी हुई थी। आरोप है कि निर्धारित स्थान पर शिकायतकर्ता से रकम लेते ही सतर्कता टीम ने उसे पकड़ लिया।कार्रवाई के बाद महिला पुलिसकर्मी से पूछताछ की गई और आगे की जांच के लिए उसे देहरादून ले जाया गया। मामले में नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जानी है।इस घटना ने पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के विरुद्ध निगरानी और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।

बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश, किसानों को मुआवजा दिलाने की तैयारी, क्षतिग्रस्त मकानों और सड़कों का भी होगा आकलन

हरिद्वार। जिले में नौ अक्टूबर को हुई तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि के बाद किसानों तथा अन्य प्रभावित लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। खेतों में खड़ी और पकने के करीब पहुंच चुकी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबरों के बीच प्रशासन ने क्षति का आकलन करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।पंचायती राज एवं आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण कर वास्तविक नुकसान का आकलन करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फसलों के साथ-साथ पशुधन, आवासों तथा अन्य परिसंपत्तियों को हुई क्षति का भी आकलन किया जाना चाहिए, ताकि पात्र प्रभावितों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा सके।अचानक बदले मौसम का असर कृषि क्षेत्र पर विशेष रूप से पड़ने की आशंका है। ग्रामीण इलाकों में धान की फसल और नकदी सब्जियों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। किसानों के लिए इस समय फसल की गुणवत्ता और पैदावार दोनों महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रभाव डाल सकती है।जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने भी संबंधित अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए हैं। जिन स्थानों पर पेड़ गिरने से सड़कें अवरुद्ध हुई हैं, वहां उन्हें हटाकर यातायात सुचारु करने को कहा गया है। क्षतिग्रस्त भवनों और अन्य परिसंपत्तियों की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा उपाय करने पर भी जोर दिया गया है।प्रशासनिक स्तर पर सर्वेक्षण पूरा होने के बाद नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर पात्र किसानों और अन्य प्रभावित लोगों को निर्धारित नियमों के अनुसार राहत उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। प्रभावित लोगों को अब सर्वेक्षण और मुआवजे की कार्रवाई का इंतजार है।

बहादराबाद में रामलीला मंच पर पथराव, महिलाओं समेत कई लोग घायल

128वें श्रीरामलीला वार्षिकोत्सव के दौरान हंगामे से मची अफरातफरी, पुलिस ने शुरू की जांचबहादराबाद (हरिद्वार)। बहादराबाद में आयोजित 128वें श्रीरामलीला वार्षिकोत्सव के दौरान शुक्रवार रात हंगामे और पथराव की घटना सामने आई। आरोप है कि कुछ लोगों ने रामलीला स्थल पर शोर-शराबा करने के बाद दोबारा समूह के साथ पहुंचकर गाली-गलौज की और मंचन बंद कराने की धमकी दी। इसके बाद मंच की ओर पत्थर फेंके गए, जिससे कार्यक्रम स्थल पर अफरातफरी मच गई।घटना के दौरान रामलीला देखने पहुंचे दर्शकों और मंच पर मौजूद कलाकारों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पत्थर लगने से महिलाओं समेत कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। अचानक हुए घटनाक्रम के कारण रामलीला का मंचन भी कुछ समय के लिए रोकना पड़ा।बताया गया कि पहले कुछ लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और हंगामा करने लगे। वहां मौजूद लोगों द्वारा समझाने के बाद वे चले गए, लेकिन कुछ समय बाद करीब 25 से 30 अन्य लोगों के साथ दोबारा लौटने का आरोप है। इसके बाद विवाद बढ़ा और मंच की ओर पथराव किया गया।घटना के बाद रामलीला समिति की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना में शामिल लोगों की पहचान, विवाद के कारणों और पथराव की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।रामलीला जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग तथा परिवार शामिल होते हैं। ऐसे कार्यक्रमों में किसी भी प्रकार का हंगामा आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। घटना के बाद क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना और दोषियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े सभी तथ्यों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

पितृ अमावस्या पर हरिद्वार में उमड़े श्रद्धालु, दिल्ली-देहरादून हाईवे पर लंबा जाम

नारायणी शिला और गंगा घाटों पर तर्पण के लिए लगी कतारें, पांच मिनट का सफर तय करने में लगे करीब 40 मिनटहरिद्वार। पितृ अमावस्या के अवसर पर शनिवार को धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे लोगों ने गंगा घाटों पर स्नान, पितरों के निमित्त तर्पण और धार्मिक कर्मकांड किए। श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के कारण शहर के प्रमुख मार्गों और दिल्ली-देहरादून हाईवे पर यातायात का दबाव बढ़ गया।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ अमावस्या पर पूर्वजों की आत्मशांति के लिए तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इसी आस्था के चलते सुबह से ही हरकी पैड़ी, नारायणी शिला, सतीघाट और कुशावर्त घाट सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। नारायणी शिला पर कर्मकांड कराने के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के कारण शहर में वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। शंकराचार्य चौक से ऋषिकुल पुल के पास फ्लाईओवर तक वाहनों की कतारें लगने की सूचना रही। कुछ मार्गों पर सामान्य तौर पर लगभग पांच मिनट में पूरा होने वाला सफर तय करने में करीब 40 मिनट तक लगने की जानकारी सामने आई।धार्मिक पर्व के दौरान हरिद्वार में स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने से यातायात प्रबंधन की चुनौती भी बढ़ जाती है। ऐसे अवसरों पर पार्किंग व्यवस्था, प्रमुख चौराहों पर पुलिस की तैनाती और वैकल्पिक मार्गों की जानकारी यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण होती है।श्रद्धालुओं से अपेक्षा की जाती है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, निर्धारित पार्किंग स्थलों का उपयोग करें और घाटों पर सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें। रविवार सुबह की वास्तविक यातायात स्थिति तथा किसी नए डायवर्जन की जानकारी के लिए प्रशासन की ताजा सूचना देखना आवश्यक है।

ज्वालापुर क्षेत्र में 1.14 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी, अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज

हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में एक व्यक्ति से 1.14 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, पीड़ित को ठगी का पता तत्काल नहीं चल पाया। बाद में जब उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी हुई तो उसने साइबर थाना देहरादून में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर ई-जीरो एफआईआर दर्ज कर उसे संबंधित क्षेत्राधिकार के अनुसार ज्वालापुर कोतवाली स्थानांतरित किया गया।इसके बाद नौ अक्टूबर को अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों, लेन-देन और अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी की पहचान और रकम की बरामदगी के संबंध में अंतिम जानकारी उपलब्ध नहीं है।ऑनलाइन लेन-देन और डिजिटल सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं। ठग कभी बैंक अधिकारी बनकर, कभी केवाईसी अपडेट कराने के बहाने तो कभी लिंक भेजकर लोगों की निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं। कई बार व्यक्ति को खाते से रकम निकलने का पता बाद में चलता है।विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक पासवर्ड, एटीएम पिन या संवेदनशील जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान एप्लिकेशन डाउनलोड करने से भी बचें। यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो उसे तुरंत साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए और आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी जानकारी देनी चाहिए।पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही ठगी के तरीके और रकम की बरामदगी से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आ सकेगी।

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