वेद मंदिर आश्रम में संन्यासियों की बैठक, वेद शिक्षा, नशामुक्ति और संस्कारों के प्रसार पर दिया जोर
हरिद्वार: वेद मंदिर आश्रम में आयोजित बैठक में संन्यासी सभासदों ने वेदों पर आधारित संस्कारवान शिक्षा को बढ़ावा देने, युवा पीढ़ी को नशे और सामाजिक कुरीतियों से दूर रखने तथा परिवार एवं समाज में अच्छे संस्कारों के प्रसार पर जोर दिया।
पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि संन्यासियों को गांव-गांव पहुंचकर विद्यालयों में वेदों एवं भारतीय संस्कारों का प्रचार-प्रसार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज युवा पीढ़ी को सही दिशा देने के लिए संस्कारवान शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। संन्यासियों को एक मंच पर आकर मानवता और समाजहित में संगठित होकर कार्य करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आर्य समाज में युवा संन्यासियों की भूमिका को और मजबूत करने की आवश्यकता है। संन्यासियों को समाज में फैली विसंगतियों को दूर करने तथा युवाओं को भ्रम और कुरीतियों से बचाने का दायित्व निभाना चाहिए।
बैठक में संन्यासियों ने आर्य समाज के सिद्धांतों के अनुरूप नई पीढ़ी को तैयार करने और समाज में वेद, संस्कार एवं नैतिक शिक्षा के प्रसार के लिए व्यापक रूपरेखा तैयार करने पर भी विचार-विमर्श किया।
बैठक में स्वामी सुरेंद्रानंद, स्वामी चेतनानंद, भगवान देव, शिवमुनि, प्राणदेव, शुद्धबोधानंद, सोमानंद, चेतनदेव, स्वामी योगेश्वरानंद, कृष्णानंद, मेघानंद, वेदानुतानंद, विशेषानंद, प्रेममुनि और स्वामी भगवानदेव सहित अनेक संत उपस्थित रहे।