जनहित को प्राथमिकता देते हुए सभी योजनाओं को निर्धारित अवधि में पूर्ण किया जाए-दीपक रावत
नैनीताल: कुमाऊँ आयुक्त व सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने उत्तराखण्ड अर्बन सेक्टर डेवलपमेंट एजेंसी(यूयूएसडीए) की पीआईयू चंपावत द्वारा संचालित पेयजल परियोजनाओं सहित हल्द्वानी की विस्तृत समीक्षा की।बैठक में अधिकारियों ने चंपावत,टनकपुर एवं किच्छा में संचालित जलापूर्ति योजनाओं की वर्तमान प्रगति,निर्माण कार्यों तथा आगामी कार्ययोजना का प्रस्तुतीकरण किया।यूयूएसडीए पीआईयू चंपावत के माध्यम से चंपावत वाटर सप्लाई स्कीम प्रोजेक्ट के तहत वर्ष 2055 तक की जनसंख्या के आंकड़ों का आकलन कर अनुमानतः वॉटर डिमांड क्षमता 6.8एमएलडी होगी।जिसकी पूर्ति हेतु गतिमान प्रोजेक्ट की लागत 240.26 करोड़ प्रस्तावित है।चंपावत वाटर सप्लाई स्कीम 10सितंबर,2027 तक पूर्ण करने की समयावधि तय की है।इसके अंतर्गत 109किलोमीटर पाइप लाइन नेटवर्क,81किलोमीटर हाइड्रोटेस्टिंग के माध्यम से लीकेज की स्थिति का पता लगाया जाएगा,1600 हाउस सर्विस कनेक्शन एवं गधेरा लाइन का कार्य गतिमान है।वर्तमान समय तक 60ःकार्य पूर्ण कर लिया गया है,पाइपलाइन की टेस्टिंग भी कुछ स्थानों पर की गई है।नियमित रूप से मॉनिटरिंग की जा रही है।किच्छा वाटर सप्लाई स्कीम के अंतर्गत वर्ष 2055 के जलापूर्ति की दृष्टिगत 31.33 एमएलडी वॉटर डिमांड की पूर्ति हेतु 478.66करोड रुपए की धनराशि प्रस्तावित है।इस धनराशि के माध्यम से 323 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जाएगी।आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए।उन्होंने कहा कि पाइपलाइन बिछाने,जलाशयों,जल शोधन संयंत्रों एवं अन्य निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि चंपावत जलापूर्ति योजना के अंतर्गत 3.5एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र,109 किलोमीटर पाइपलाइन नेटवर्क तथा 18वर्षों के संचालन एवं अनुरक्षण (ओएंडएम) का कार्य किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत अधिकांश पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा हो चुका है तथा विभिन्न संरचनाओं का निर्माण प्रगति पर है।बैठक में टनकपुर जलापूर्ति योजना की भी समीक्षा की गई। बैठक में किच्छा जलापूर्ति योजना की प्रगति की भी जानकारी दी गई,जिसमें पाइपलाइन नेटवर्क,ओवरहेड टैंक,ट्यूबवेल एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के निर्माण कार्य तेजी से संचालित किए जा रहे हैं।कुमाऊं आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री ने आईयूआईडीएच-एचडीडब्ल्यू परियोजना के अंतर्गत संचालित विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।इस दौरान हल्द्वानी में संचालित इंटीग्रेटेड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट परियोजना के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।समीक्षा बैठक में जलापूर्ति,सीवरेज,वर्षा जल निकासी, सड़क विकास,प्रशासनिक भवन,बस टर्मिनल तथा इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम सहित विभिन्न परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति प्रस्तुत की गई।बैठक में बताया गया कि परियोजना के अंतर्गत 39,716घरेलू जल संयोजन,जल वितरण पाइपलाइन,14नए ओवरहेड वॉटर टैंक ,13नए ट्यूबवेल तथा 122 किलोमीटर सीवरेज नेटवर्क का निर्माण किया जा रहा है।इसके साथ ही 14.5एमएलडी क्षमता के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट(एसटीपी) का निर्माण भी परियोजना का प्रमुख हिस्सा है।समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि अब तक 21,483घरेलू जल संयोजन स्थापित किए जा चुके हैं,436किलोमीटर जल वितरण पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, 10 ट्यूबवेलों की बोरिंग पूर्ण हो चुकी है तथा 256किलोमीटर स्थायी सड़क पुनर्स्थापन का कार्य पूरा किया जा चुका है।वहीं 76किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है और एसटीपी निर्माण कार्य प्रगति पर है।अगस्त माह में ही आरटीओ रोड,काठगोदाम में डाली गई पानी की लाइन से जलापूर्ति शुरू की जाएगी।बैठक में सड़क विकास परियोजना के अंतर्गत नैनीताल रोड,कालाढूंगी रोड एवं स्टेशन रोड के चौड़ीकरण,फुटपाथ,यूटिलिटी डक्ट,पार्किंग,स्ट्रीट लाइट एवं ड्रेनेज कार्यों की भी समीक्षा की गई।कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए,कार्यों में आने वाली बाधाओं का समयबद्ध समाधान किया जाए तथा जनहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए सभी योजनाओं को निर्धारित अवधि में पूर्ण किया जाए।बैठक में डिप्टी प्रोग्राम डायरेक्टर कुमाऊं डिविजन यूयूएसडीए मृदुला सिंह,प्रोजेक्ट मैनेजर पीआईयू चंपावत अंकित आर्या,प्रोजेक्ट मैनेजर पीआईयू हल्द्वानी कुलदीप सिंह,प्रोजेक्ट मैनेजर पीआईयू हल्द्वानी गुरप्रीत सिंह दिओल ,कंसलटेंट,लाइजन और सुपरविजन यूयूएसडीए आदि उपस्थित रहे।
