अंकिता भंडारी हत्याकांड और महिला सुरक्षा के मुद्दों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। हाल ही में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित एक प्रेस वार्ता में केंद्र की मोदी सरकार और उत्तराखंड की धामी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि देश में एक तरफ जहां नारी शक्ति की पूजा और ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के नारे दिए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर महिलाओं पर अत्याचार और यौन उत्पीड़न के मामलों में आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से अंकिता भंडारी मामले में ‘अज्ञात वीआईपी’ की पहचान को लेकर सवाल उठाए गए। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि जब खुद सीबीआई ने अज्ञात वीआईपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है और व्हाट्सएप चैट व अभियोजन पक्ष के अनुसार अंकिता पर एक ‘वीआईपी’ मेहमान को ‘स्पेशल सर्विस’ देने का दबाव बनाया गया था, तो उस वीआईपी का नाम सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा है? इसके साथ ही, पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर द्वारा एक वीडियो क्लिप में दुष्यंत गौतम को ‘वीआईपी’ बताए जाने के बाद खड़े हुए संदेह का जिक्र करते हुए कहा गया कि सीबीआई जांच पूरी होने से पहले दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाकर संवैधानिक इम्युनिटी देना जांच को प्रभावित करने जैसा है।
प्रेस वार्ता में आरोप लगाया गया कि जब अंकिता के माता-पिता न्याय की गुहार लगाने 15 अक्टूबर की रात इंडिया गेट पर धरने पर बैठे, तो पुलिस ने उनके साथ अमानवीय बर्ताव किया और उन्हें हिरासत में ले लिया। जबकि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेसी नेताओं ने उनके साथ खड़े होकर समर्थन जताया। इसके अलावा, मामले से जुड़े कई अन्य अनछुए पहलुओं पर भी सवाल दागे गए—जैसे पुलकित आर्य के फोन की कॉल डिटेल्स क्यों नहीं खंगाली गईं ताकि अन्य संभावित संलिप्तों का पता चल सके, वनंतरा रिजॉर्ट में बुलडोजर किसकी अनुमति से चलाया गया, रिजॉर्ट में दो बार आगजनी के साक्ष्यों पर क्या प्रभाव पड़ा, प्रारंभिक कार्रवाई में देरी क्यों हुई, पोस्टमार्टम पैनल में महिला डॉक्टर क्यों नहीं शामिल थीं, और एफआईआर माता-पिता के बजाय किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर क्यों दर्ज की गई।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की जनता और महिलाएं अंकिता को न्याय दिलाकर ही दम लेंगी। इस प्रेस वार्ता में राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा, मीडिया कॉर्डिनेटर पंखुड़ी पाठक, गरिमा मेहरा दसौनी, जिलाध्यक्ष बालेश्वर सिंह, महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

